नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को विश्व संस्कृति उत्सव की मदद करने और उसमें शामिल होने को ‘भारी राजनीतिक और संवैधानिक गलती’ बताते हुए तीखी आलोचना की।
कांग्रेस प्रवक्ता पी. एल. पुनिया ने कहा, “जिस कार्यक्रम को कानूनी रूप से ‘पारिस्थितकीय आपदा’ बताते हुए जुर्माना लगाया गया उसकी मदद करना और उसमें भाग लेना भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के घोर पाखंड को जाहिर करता है।”
पुनिया ने कहा, “विश्व संस्कृति उत्सव का आयोजन भारतीय संस्कृति को दिखाने के लिए किया जा रहा है जो स्वागतयोग्य है। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि हमारी सांस्कृतिक विरासत के सबसे पवित्र व जीवंत प्रतीक यमुना को नष्ट करते हुए इसका आयोजन किया जा रहा है। इसका आयोजन अन्य किसी खुली जगह या स्टेडियम में क्यों नहीं किया गया?”
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने शुक्रवार को आयोजनकर्ता आर्ट ऑफ लिविंग (एओएल) को पर्यावरण हर्जाना के रुप में 5 करोड़ रुपये का मुआवजा जमा करने के लिए तीन हफ्तों का वक्त दिया।
न्यायाधिकरण ने कहा कि एओएल को शुक्रवार को 25 लाख रुपये जमा कराने होंगे और जुर्माने की बाकी रकम तीन हफ्तों में देना होगा।
पुनिया ने कहा, “पर्यावरण को नष्ट करने का कौन सा आध्यात्म शिक्षा देता है? हमें इस आयोजन में भारत सरकार, दिल्ली सरकार और श्री श्री रविशंकर की जबरदस्त मिलीभगत दिख रही है जो पवित्र यमुना नदी के लिए एक झटका होगा।”
दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहले इस कार्यक्रम के प्रस्ताव को पारिस्थितकीय आपदा करार दिया था।
उन्होंने कहा, “केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने इस आयोजन के लिए जहां 2.25 करोड़ रुपये का अनुदान दिया। वहीं, केजरीवाल के मंत्री कपिल मिश्रा ने भी उनसे मिलीभगत करते हुए रक्षा मंत्रालय को और पंटून पूल बनाने के लिए पत्र लिखा।”
एओएल के इस तीनदिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत एक रंगारंग समारोह में शुक्रवार को हुई। आयोजक इस कार्यक्रम पर 25.63 करोड़ रुपये खर्च कर चुके हैं।
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