नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। विद्युत, कोयला तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने शुक्रवार को एलईडी आधारित घरेलू सक्षमता लाइटिंग कार्यक्रम (डीईएलपी) को ‘उजाला’ नाम दिया। डीईएलपी देश के 120 शहरों में सफलतापूर्वक चल रहा है। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि उजाला भारत में ऊर्जा क्षमता का नया रूप होगा।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा सक्षमता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) के सतत प्रयास से उजाला एलईडी के प्रति लोगों की धारणा बदलेगी और ऊर्जा सक्षमता बढ़ेगी। यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, क्योंकि इससे भारत को अपने राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (आईएनडीसी) के अंतर्गत उत्सर्जन तीव्रता कम करने के संकल्प को पूरा करने में मदद मिलेगी।
उजाला ऊर्जा सक्षमता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) द्वारा लागू किए जा रहे ‘सभी के लिए रियायती एलईडी से उन्नत ज्योति’ कार्यक्रम का संक्षिप्त नाम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी, 2015 में राष्ट्रीय एलईडी कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसमें 77 करोड़ पारंपरिक बल्बों को एलईडी बल्ब से बदलना था। उजाला 12 राज्यों-राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, झारखंड, बिहार तथा उत्तराखंड में सफलतापूर्वक चल रहा है।
ईईएसएल ने देश में 7.47 करोड़ एलईडी बल्ब दिए हैं। इससे रोजाना 2.66 करोड़ केडब्ल्यूएच ऊर्जा की बचत हो रही है और इससे 1944 मेगावाट से अधिक की पीक मांग को टालने में मदद मिली है। इससे प्रतिदिन 21,550 टन सीओ2 कम करने में मदद मिली है और अनुमानत: रोजाना 10.64 करोड़ रुपये की लागत बचत हो रही है।
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