पटना, 12 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां शनिवार को कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका की अहम भूमिका होती है और पटना उच्च न्यायालय का शताब्दी समारोह नई सदी की जिम्मेदारियों का प्राारंभ भी है।
पटना उच्च न्यायालय शताब्दी समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे समारोह नए संकल्पों के अवसर होते हैं।
मोदी ने कहा, “जिस व्यवस्था के पास एक सदी की विरासत हो, वह देश को बहुत कुछ दे सकता है। इस शताब्दी में पटना उच्च न्यायालय ने कई ऊंचाइयों को छुआ है और जिस कार्य संस्कृति के द्वारा समाज को आस बंधाई गई है, उसे आगे बढ़ाने की जरूरत है।”
उन्होंने वकीलों की चर्चा करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में वकीलों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। आज भी जब-जब देश पर संकट आया है, वकीलों ने अपनी आवाज बुलंद की है। उन्होंने न्याय प्रणाली में तकनीक का जिक्र करते हुए कहा कि आज बार सदस्य के रूप में गूगल की अपनी अलग भूमिका हो गई है, इस कारण लोगों को अपने फैसले देने में सहूलियत हुई है।
उन्होंने कहा कि न्याय में लोगों का विश्वास गहरा हुआ है तथा अदालत ने सामान्य लोगों को मजबूत बनाया है।
लंबित मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए पीएम ने सलाह दी कि सभी लंबित मामलों की सूची तैयार की जा सकती है, जिसके बाद उन्हें जल्द निपटाया जा सकता है।
इससे पहले प्रधानमंत्री के पटना हवाईअड्डे पर उतरने के बाद राज्यपाल रामनाथ कोविंद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनका स्वागत किया।
समारोह को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी.एस. ठाकुर, केंद्रीय कानून मंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा, राज्यपाल रामनाथ कोविंद तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी संबोधित किया।
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