नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। भारत की बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शनिवार को बीएसई को सूचीबद्ध होने की अनुमति दे दी। 140 साल पुराने इस एक्सचेंज को पहले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के नाम से जाना जाता था।
सेबी के चेयरमैन यूके सिन्हा ने नियामक की बोर्ड की बैठक के बाद कहा, “हमने बीएससी को सूचीबद्ध होने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।”
जनवरी में बीएसई ने सेबी से आईपीओ (प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव) जारी करने की अनुमति मांगी थी।
बीएसई पहले से ही एक निजी कंपनी है जिसकी शुरुआत एशिया में 1875 में पहले शेयर बाजार के रूप में हुई थी। भारतीय प्रतिभूति अनुबंध नियमन कानून, 1956 के अंतर्गत भारत में पहली मान्यता इसे ही दी गई थी। यह जानकारी कंपनी के वेबसाइट से मिली है।
बीएसई में 5,455 कंपनियां इक्विटी के लिए, 319 कंपनियां कर्ज के लिए और 23 धन प्रबंधन कंपनियां म्यूचुअल फंड्स के लिए सूचीबद्ध है। दिसंबर 2014 में इस एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 100 खरब रुपये (वर्तमान दरों के मुताबिक 150 खरब) था। एक साल बाद ही यह दुनिया की सबसे तेज एक्सचेंज बन गई क्योंकि इसमें औसत प्रतिक्रिया की गति 6 माइक्रोसेकेंड जितना कम है।
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