नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। भारत की वित्तीय प्रणाली और उद्योगपतियों को ऋण देने की प्रणाली आजकल चर्चा का विषय बनी हुई है। शनिवार को बाजार नियामक ने जानबूझकर ऋण नहीं चुकाने वाले उद्योगपतियों को बाजार से धन जुटाने से रोकने के लिए कई कदम उठाने की घोषणा की।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के चेयरमैन यू. के. सिन्हा ने नियामक के बोर्ड की बैठक के बाद प्रेस वार्ता में कहा, “नए नियमों के मुताबिक जिसने भी जानबूझकर ऋण नहीं चुकाया है उसे सूचीबद्ध कंपनियों के बोर्ड में पद लेने से अयोग्य घोषित किया जाएगा।”
सिन्हा ने कहा कि दागी व्यक्तियों को दूसरी सूचीबद्ध कंपनियों का नियंत्रण लेने से भी रोका जाएगा और उन लोगों को म्यूचुअल फंड के माध्यम से किसी अन्य मौद्रिक संस्थाओं में उतरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि ‘कौन व्यक्ति उपयुक्त है और कौन गलत है’ इस संबंध में मानदंड निर्धारित करने के लिए नियमों में संशोधन किया जा रहा है।
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