गोरखपुर के सांसद महंत योगी आदित्यनाथ ने बताया कि गोरखपुर-दिल्ली के बीच एयर इंडिया तथा जेट एयरवेज की दो वायु सेवा सफलतापूर्वक संचालित हैं। यात्रियों की संख्या को देखते हुए यात्री सुविधाओं का बेहद अभाव था। यात्रियों को घंटों खड़ा रहना पड़ता है।
सांसद योगी आदित्यनाथ ने बताया कि अव्यवस्था और आमजन की परेशानी को देखते हुए गोरखपुर सिविल एयरपोर्ट पर नये टर्मिनल भवन के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया गया था, जिसके पर यह निर्णय लिया गया है। नए टर्मिनल भवन के लिए एयरफोर्स से 1.1 एकड़ भूमि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को हस्तांतरित होनी है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर से वार्ता हुई है। गोरखपुर में निर्मित होने वाले टर्मिनल पर कुल 35 करोड़ की लागत आएगी। इसके प्रथम चरण के कार्य के लिए 10 करोड़ स्वीकृत हो गया है। नया टर्मिनल भवन का प्रथम चरण का कार्य समाप्त होने के बाद 100 यात्रियों को आसानी से बैठने की जगह प्राप्त हो जाएगी।
नया टर्मिनल भवन के पूर्ण होने के बाद गोरखपुर को कोलकाता तथा काठमांडू को वायुसेवा से जोड़ने में मदद मिलेगी। साथ ही विकास की नई सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
सिविल एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का शिलान्यास 17 मार्च को केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति एवं नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा करेंगे।
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