नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के मौजूदा संसदीय सत्र की पूर्ण बैठक में मुख्य न्यायाधीश झू कियांग द्वारा रविवार को पेश रिपोर्ट से यह जानकारी मिली। इस क्षमादान निर्णय पर द्वितीय विश्वयुद्ध की 70वीं वर्षगांठ से पहले 29 अगस्त 2015 को राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हस्ताक्षर किए थे और देश की संसद ने इसे मंजूरी दे दी थी।
इन क्षमादान प्राप्त कैदियों को 2015 के अंत तक रिहा किया गया। इन कैदियों में युद्ध सेनानी, अत्यंत बुजुर्ग, युवा और शारीरिक रूप से कमजोर कैदी शामिल हैं।
इसके मुताबिक, कैदियों की चार श्रेणियां विचाराधीन हैं :-
– द्वितीय विश्वयुद्ध में जापानी हमले के खिलाफ लड़े अपराधी।
– वर्ष 1949 के बाद देश की राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए युद्ध में शामिल अपराधी।
– 75 वर्ष और इससे अधिक उम्र के अपराधी या फिर शारीरिक रूप से असक्षम अपराधी जो स्वयं की देखभाल में असमर्थ हो।
– 18 से कम उम्र में अपराध कर चुके अपराधी, जो जेल में अधिकतम तीन साल की सजा भुगत चुके हों।
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