यहां संवाददाताओं से बातचीत में मलिक ने कहा कि धर्म के ठेकेदारों ने 68 वर्षो से गरीब मुसलमानों के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर ध्यान नहीं दिया, उन्हें कभी गरीबी से उबरने नहीं दिया। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि गरीब मुस्लिम उनकी चाल समझ चुका है।
उन्होंने कहा कि अब ऐसे धर्म के ठेकेदारों को बेनकाब किया जाएगा और उनके फतवा को भी नाकारा जाएगा। उनका सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा।
मलिक ने सवाल उठाया कि धर्म के ठेकेदारों के पास इतना धन कहां से आता है, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों में भी एक तबका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तरह काम कर रहा है। अंग्रेजों की तरह इनकी भी नीति ‘बांटों और राज करो’ की है। ये लोग समाज में भेदभाव फैला रहे हैं और मसलक के नाम पर उन्हें बांट रहे हैं।
मलिक ने यह भी कहा कि ये धर्म के ठेकेदार गरीब मुसलमानों का नेता होने का दावा करते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि उनकी स्थिति इन गरीब मुसलमानों में सबसे खराब है। अब गरीब मुसलमान उनके झांसे में आने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि धर्म के तथाकथित ठेकेदार इस्लाम धर्म पर खतरे का नारा देकर उन्हें दूसरे मजबह के लोगों पर हमला करने के लिए उकसाते हैं और गरीब मुसलमानों का कत्लेआम कराते हैं, उनके इलाके जलवाते हैं और जब कार्रवाई की बात आती है तो ये धर्म के ठेकेदार सरकार से दलाली करते हुए दिखाई देते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।
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