भुवनेश्वर, 14 मार्च (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि श्री जगन्नाथ मंदिर की मरम्मत के लिए वह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को अपने सबसे बेहतरीन विशेषज्ञों को भेजने का निर्देश दे।
पुरी जिले में स्थित यह मंदिर ओडिशा के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है, जहां देश भर से श्रद्धालु आते हैं।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा को लिखे एक पत्र में पटनायक ने कहा कि ‘जगामोहन’ (गर्भगृह के सामने बने हॉल) में कई जगहों पर दरारें पड़ गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “जगामोहन की आंतरिक सतह से प्लास्टर गिरने के बाद चार स्तंभों व आठ पत्थरों पर दरारें देखी गईं, जो मंदिर की संरचनात्मक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।”
उन्होंने कहा कि इसकी मरम्मत के लिए एक कोर कमेटी का गठन किया गया, जिसमें निर्माण इंजीनियर, एएसआई के प्रतिनिधि व श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के प्रतिनिधि थे।
पटनायक ने कहा कि कमेटी ने सात फरवरी को मंदिर के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण करने के बाद स्तंभों को तत्काल अतिरिक्त संबल प्रदान करने के लिए कहा, ताकि जगामोहन को आगे और क्षति न हो।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है, “यह लोक महत्व का मामला है, इसलिए मैं चाहता हूं कि आप मंदिर की मरम्मत के लिए एएसआई को अपने सबसे बेहतरीन तकनीकी विशेषज्ञों को भेजने का निर्देश दें और जल्द से जल्द काम पूरा होना सुनिश्चित करें।”
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