नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगित-बालतिस्तान क्षेत्र के एक बड़े भूभाग को कथित रूप से पड़ोसी उत्तरी-पश्चिमी सीमांत प्रांत द्वारा कब्जा करने की जानकारी सामने आई है। इसके खिलाफ इस शिया बहुल क्षेत्र में आंदोलन शुरू हो गया है। भारत इस क्षेत्र को जम्मू-कश्मीरका हिस्सा बताते हुए इस पर अपना दावा करता है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के एक अग्रणी उर्दू दैनिक बाद-ए-शिमाल की रपट के मुताबिक, खैबर पख्तूनवा प्रांत से गिलगित-बालतिस्तान क्षेत्र को अलग करने वाली सीमा के पास के 25 किलोमीटर क्षेत्र को लेकर सुलगी चिंगारी को दबाने के लिए पाकिस्तान के अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
इस पत्र ने अपने सोमवार के संस्करण की मुख्य पृष्ठ की प्रमुख खबर में लिखा, “और गिलगित-बालतिस्तान सरकार इसे मूकदर्शक की तरह देख रही है।”
अखबार ने लिखा है, “प्रांतीय सरकार ने खनिज से भरपूर इस क्षेत्र को कब्जे में लेने के बाद यहां चित्राल बलों की तैनाती की है। “
कहा जा रहा है कि इलाके के विधायक सरफराज शाह ने क्षेत्रीय आक्रामकता के विरोध में सीमांत प्रांत की सरकार को इस इलाके को खाली करने के लिए एक पत्र लिखा है।
अखबार की खबर के मुताबिक, सरकार ने इस आरोप को गलत बताते हुए विधायक के विरोध को खारिज कर दिया है और कहा कि यह इलाका प्रांत का हिस्सा है और अर्धसैनिक चित्राल बलों को तैनात करना उसका अधिकार है।
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