नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। देश की उपभोक्ता महंगाई दर फरवरी 2016 में घटकर 5.18 फीसदी दर्ज की गई, जो एक महीने पहले 5.69 फीसदी थी। वहीं थोक महंगाई दर भी लगातार 16वें महीने नकारात्मक दायरे में दर्ज की गई। सोमवार को आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी गई।
इसे देखते हुए उद्योग जगत की भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य ब्याज दर में कटौती किए जाने की भी उम्मीद बढ़ गई है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित थोक महंगाई दर फरवरी 2016 में नकारात्मक 0.91 फीसदी दर्ज की गई, जो एक महीने पहले नकारात्मक 0.90 फीसदी थी और एक साल पहले समान अवधि में नकारात्मक 2.17 फीसदी थी।
थोक खाद्य महंगाई दर आलोच्य अवधि में 3.35 फीसदी रही, जबकि दलहन की थोक महंगाई दर 38.84 फीसदी रही। वहीं केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित उपभोक्ता खाद्य महंगाई दर 5.30 फीसदी रही और दलहन की उपभोक्ता महंगाई दर 38.30 फीसदी रही।
फरवरी में डीजल का थोक मूल्य 7.7 फीसदी घटा और पेट्रोल मूल्य 1.03 फीसदी घटा। उपभोक्ता स्तर पर हालांकि ईंधन मूल्य में 4.59 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई।
विनिर्मित उत्पादों की थोक महंगाई दर इस दौरान नकारात्मक 0.58 फीसदी रही।
उल्लेखनीय है कि देश का औद्योगिक उत्पादन जनवरी 2016 में 1.53 फीसदी कम रहा है और दिसंबर में भी इसमें 1.18 फीसदी गिरावट दर्ज की गई थी। जनवरी में औद्योगिक उत्पादन लगातार तीसरे महीने घटा है।
दोनों महंगाई दर के नियंत्रण के दायरे में रहने और सरकार के वित्तीय घाटा कम करने के रास्ते पर टिके रहने के बाद अब उद्योग जगत की भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से यह उम्मीद बढ़ गई है कि पांच अप्रैल को आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती की जानी चाहिए।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने एक बयान में कहा, “पिछले महीने पेश किए गए आम बजट में मांग बढ़ाने और घरेलू मूल्य वर्धन को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया गया है। हमने यह भी देखा है कि वित्तीय घाटा कम करने की योजना पर भी सरकार टिकी रहेगी।”
फिक्की अध्यक्ष हर्षवर्धन नेवतिया ने कहा, “इसे देखते हुए हमें पूरा विश्वास है कि भारतीय रिजर्व बैंक सरकार की कोशिशों में सहयोग करेगा और आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में नरमी की दिशा में आगे बढ़ेगा।”
फिक्की ने कहा, “इस मौके पर दरों में और कटौती किए जाने और बैंकों द्वारा भी ब्याज दर घटाए जाने से कंपनियों और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ होगा और निवेश तथा खपत में तेजी आएगी।”
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, “विनिर्माण क्षेत्र में गत तीन महीने से लगातार गिरावट दर्ज की गई है और पूंजीगत वस्तु और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तु दोनों में नकारात्मक वृद्धि रही है।”
बनर्जी ने कहा, “ऐसी स्थिति में जब विकास की गति उम्मीद से कम है और सरकार वित्तीय घाटा कम करने के लिए प्रतिबद्ध है, परिसंघ को उम्मीद है कि आरबीआई सरकार के साथ ताल मिलाकार काम करेगा और मौद्रिक नरमी के लिए कदम उठाएगा।”
उपभोक्ता महंगाई दर के ताजा आंकड़े के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ता महंगाई दर 4.30 फीसदी रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 5.97 फीसदी रही।
विभिन्न राज्यों में उपभोक्ता महंगाई दर उत्तराखंड में 2.70 फीसदी, जम्मू-कश्मीर में 3.01 फीसदी, ओडिशा में 8.04 फीसदी और आंध्र प्रदेश में 8.03 फीसदी रही।
दिल्ली में उपभोक्ता महंगाई दर 4.89 फीसदी दर्ज की गई।
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