नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। राज्यसभा में बुधवार को शून्यकाल के दौरान पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। उनके बीच यह बहस स्टिंग ऑपरेशन को लेकर हुई।
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने सरकार से इस मामले में तुरंत जांच का आदेश देने की अपील की। उन्होंने कहा, “यह बहुत बड़ा घोटाला है।”
उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार और तृणमूल कांग्रेस के बीच ‘मैच-फिक्सिंग’ होने का अंदेशा जताया।
माकपा सदस्य ने कहा, “यदि सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती है तो पीठ को सदन की मर्यादा की रक्षा के लिए जांच समिति के गठन का आदेश देना चाहिए।”
एक समाचार पोर्टल द्वारा कराए गए स्टिंग ऑपरेशन में तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं को एक निजी कंपनी के लिए लॉबिंग के बदले रिश्वत लेते दिखाया गया है।
स्टिंग विवाद को लेकर संसद और उसके बाहर बैकफुट पर खड़ी तृणमूल कांग्रेस ने वीडियो फुटेज की सत्यता पर सवाल उठाते हुए संकेत किया कि इनमें विदेशी धन लगा हो सकता है।
राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस के सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा, “हमें वीडियो की प्रमाणिकता को परखने की बजाय इसके स्त्रोत का पता लगाना चाहिए।”
ब्रायन ने कहा कि ‘मेरा मुद्दा बहुत बड़ा है।’ उन्होंने यह भी कहा कि जिस दिन तथाकथित स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो जारी किया गया उस दिन पोर्टल कंपनी ने दुबई में पांच फोन कॉल किए।
तीखी बहस के दौरान तृणमूल कांग्रेस और माकपा के सदस्य सदन के उपसभापति के आसन के समक्ष पहुंच गए।
इस पर उपसभापति पी.जे. कुरियन ने तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों से कहा, “येचुरी जब सिर्फ जांच की मांग कर रहे हैं तो झगड़े का मुद्दा क्या है! आपको इस पर क्या आपत्ति है?”
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