नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। देश के 38 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसयू) ने वर्तमान वित्तवर्ष के दौरान सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) से 20 फीसदी खरीद का लक्ष्य हासिल कर लिया है।
यह जानकारी शुक्रवार को केंद्रीय एमएसएमई मंत्री कलराज मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में दी गई।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, एमएसएमई से खरीद के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए यह बैठक आयोजित की गई थी। मिश्र ने नीति की अहमियत पर रोशनी डाली, जिसे सरकार द्वारा अप्रैल 2015 से अनिवार्य कर दिया गया है और इसका उद्देश्य देश में एमएसएमई एवं स्टार्ट-अप को बढ़ावा देना है।
मिश्र ने कहा कि भारत में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए उनके मंत्रालय ने 10 मार्च, 2016 को एक परिपत्र जारी किया, जिसमें सीपीएसयू को उन एमएसएमई के लिए ‘पूर्व अनुभव एवं पूर्व टर्नओवर’ के मानकों में ढील देने की अनुमति दी गई है, जो निर्धारित प्रौद्योगिकी एवं गुणवत्ता विनिर्देशों के अनुरूप आपूर्ति कर सकते हैं।
एमएसएमई से 20 फीसदी वार्षिक खरीद में अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी) के स्वामित्व वाले एमएसएमई से चार फीसदी की खरीद भी शामिल है।
मिश्र ने बताया कि एससी/एसटी उद्यमियों के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए उनके मंत्रालय में एक एससी/एसटी हब बनाया गया है।
बैठक में राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने भी सीपीएसयू द्वारा महत्वपूर्ण कलपुर्जो का विकास किए जाने, आयात विकल्प की व्यवस्था करने और उच्च प्रौद्योगिकी मशीनों एवं उपकरणों के कलपुजरें का रखरखाव करने की अहमियत पर रोशनी डाली। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि वेंडर विकास कार्यक्रमों को आयोजित किया जाना और एमएसएमई के साथ दर (रेट) संबंधी अनुबंध किया जाना सार्वजनिक खरीद में बढ़ोतरी के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है।
बैठक में 44 सीपीएसयू के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान 20 फीसदी खरीद लक्ष्यों को हासिल करने से जुड़े मुद्दों और तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया।
dharmpath.com dharmpath