इंफाल, 21 मार्च (आईएएनएस)। मणिपुर में उग्रवादियों की रोज-रोज की रंगदारी की मांग से तंग आ चुके ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ दिया। मुसीबत यह है कि रंगदारी मांगने वालों में वे उग्रवादी शामिल हैं, जो सरकार के साथ संघर्षविराम समझौता कर चुके हैं।
केंद्र और राज्य सरकार के साथ समझौता करने वाले कुछ उग्रवादी अपने को कुकी संगठन का सदस्य बताते हैं। ये लोग इंफाल के पूर्वी जिले में बन रही नौ किलोमीटर सड़क के निर्माण कार्य में लगे मजदूरों से जबरन पैसे वसूलते हैं।
रविवार को इस तरह के दो उग्रवादी कार्य स्थल पर राजेश नाम के मजदूर को खोजते हुए आए, क्योंकि अक्सर मजदूरों के मुखिया को ही अन्य श्रमिकों के एवज में ठेकेदार से पैसे लाने के लिए कहा जाता है।
लेकिन श्रमिक दोनाली बंदूक लेकर उग्रवादी पर टूट पड़ा। बंदूक के साथ मजदूर को आते देख दोनों उग्रवादी भाग गए।
राजेश ने संवादाताओं से कहा, “अगली बार मैं सौभाग्यशाील नहीं भी रह सकता हूं, क्योंकि आतंकवादी घातक हथियारों से लैस रहते हैं।”
मजदूर ने कहा, “चूंकि इन उग्रवादी समूहों ने सरकार के साथ संघर्षविराम समझौता किया है, इसलिए इन्हें रोका जाना चाहिए।”
संघर्षविराम समझौता करने वाले उग्रवादियों पर रंगदारी वसूलने और अपहरण के आरोप लगते रहे हैं जो संघर्षविराम समझौते की शर्तो का उल्लंघन है।
लेकिन अधिकांश मामले में ऐसे उग्रवादी संगठन अपने ऊपर लगे आरोपों से इन्कार करते हैं।
विदित हो कि 20 से अधिक उग्रवादी संगठनों ने सरकार के साथ संघर्षविराम समझौता किया है। इनके उग्रवादी खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन सरकार ने इनके साथ अभी तक शांति वार्ता शुरू नहीं की है।
चंदेल जिला में लोगों ने उग्रवादियों के लिए अभिहित शिविरों को दूसरी जगह ले जाने की मांग को लेकर रैली भी निकाली।
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