नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने एक विश्व स्तरीय अत्याधुनिक प्रदर्शनी-सह-सभा केंद्र के निर्माण के लिए एक रुपये की मामूली राशि पर द्वारका के सेक्टर-25 में 89.72 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) को मंत्रिमंडलीय फैसले के छह सप्ताह के भीतर हस्तांतरण किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को यह फैसला लिया।
मंत्रिमंडल द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि यह एक विशेष मामला है इसलिए डीडीए अधिनियम, 1957 के खंड 21(1) एवं अधिनियम के खंड 41(1) के तहत डीडीए को दिशानिर्देश दिए जा सकते हैं।
फैसले के मुताबिक जमीन का स्वामित्व एक विश्व स्तरीय अत्याधुनिक प्रदर्शनी-सह-सभा केंद्र के निर्माण के लिए औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के पास रहेगा। केंद्र में प्रदर्शनी सभागार, सभा केंद्र, दावत कक्ष, सभा गृह, वित्तीय केंद्र, होटल, भोजन एवं पेय पदार्थ (एफएंडबी) विक्रय केंद्र एवं खुदरा सेवाओं जैसी स्वतंत्र एवं परस्पर लाभदायक कई सुविधाएं होंगी। परियोजना में केंद्र सरकार हिस्सेदारी के जरिए योगदान कर सकती है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी तरीके से परियोजना संरचना निर्माण एवं विकास विकल्पों समेत परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के सचिव, शहरी विकास मंत्रालय के सचिव, व्यय विभाग के सचिव, आर्थिक मामले विभाग के सचिव एवं नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से निर्मित एक समिति के गठन को भी मंजूरी दे दी। परियोजना का विकास सार्वजनिक-नीति साझेदारी तरीके से किया जाएगा।
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