लॉस एंजेल्स, 27 मार्च (आईएएनएस)। ट्रिबेका फिल्म समारोह के सह संस्थापक फिल्मकार रॉबर्ट डी नीरो द्वारा 2016 के फिल्म समारोह में विवादास्पद टीकाकरण विरोधी वृत्तचित्र ‘वैक्स्ड: फ्रॉम कवर अप टू कैटेस्ट्रोफे’ को शामिल करने के समर्थन के एक दिन बाद ही इसे फिल्म समारोह की सूची से हटा दिया गया।
डॉक्टर से डॉक्यूमेंट्री निर्माता बने एंड्रयू वेकफील्ड की ‘वैक्स्ड: फ्रॉम कवर अप टू कैटेस्ट्रोफे’ को शामिल करने के लिए फिल्म समारोह को काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा था। डी नीरो ने इस फैसले का यह कहकर बचाव किया था कि इस प्रकार की फिल्म दिखाना जरूरी है।
फिल्म को अगले महीने समारोह में प्रदर्शित किया जाना था, लेकिन शनिवार को इसे सूची से हटा लिया गया।
वेबसाइट ‘वेरायटी डॉट कॉम’ की रिपोर्ट के मुताबिक, डी नीरो ने कहा था कि उनका इरादा इस विषय पर चर्चा शुरू कराना था जिसका होना अब मुश्किल लग रहा है। उनके इस कथन के बाद स्थितियां बदल गईं हैं।
डी नीरो ने एक बयान में कहा था, “फिल्म दिखाने को लेकर मेरा इरादा एक ऐसे विषय पर चर्चा शुरू करना था, जो मेरे और मेरे परिवार के लिए बेहद निजी है। लेकिन, पिछले कुछ दिनों में ट्रिबेका फिल्म समारोह की टीम और वैज्ञानिक समुदाय के अन्य लोगों के साथ इस की समीक्षा करने के बाद हमें लगा कि इस पर ऐसी चर्चा नहीं होगी, जिसकी मुझे उम्मीद थी।”
फिल्म का सह लेखन और निर्देशन पूर्व सर्जन और स्वास्थ्य शोधकर्ता ब्रिटेन के वेकफील्ड ने किया है, जिन्होंने 1998 में एक शोधपत्र प्रकाशित किया था। उसमें दावा किया गया था कि मीजल्स, मम्प्स और रुबेला (एमएमआर) टीकों का संबंध ऑटिज्म से है।
इस शोध को प्रकाशित करने वाले जर्नल लैंसेट ने बाद में इसे वापस ले लिया था। वेकफील्ड को ब्रिटेन में प्रैक्टिस करने से रोक दिया गया था।
फिल्म को लेकर विवादों के बीच डी नीरो ने कहा, ” समारोह विवाद से बचने की कोशिश नहीं कर रहा है, लेकिन इस फिल्म में कुछ चीजों को लेकर हम चिंतित हैं। हमें लगता है कि इनके कारण हमें इसे समारोह में शामिल नहीं करना चाहिए। हमने इसे समारोह से हटाने का फैसला किया है।”
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