हेलसिंकी, 27 मार्च (आईएएनएस)। उत्तरी फिनलैंड के येलिवीएस्का में एक बड़ा लूथरवादी चर्च जलकर खाक हो गया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पुलिस ने एक 36 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जिसने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। पुलिस ने कहा कि आग लगने की घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
पादरी टीमो माट्टा ने कहा कि येलिवीएस्का चर्च का निर्माण सन् 1786 में हुआ था। यह लकड़ी से बना भव्य चर्च था। इस चर्च में एक साथ 700 लोग बैठ सकते थे। आग लगने से चर्च का कुछ भी नहीं बचा।
चर्च में भित्तिचित्र भी लगे थे, जिसे स्वीडेन के कलाकार थॉमस कीम्पे ने 1780 के दशक में और सिगर्ड वेटेनहोवी ने 1882 में बनाए थे।
घंटाघर दुर्घटना के बाद शनिवार को येलिवीएस्का चर्च में आग लगी। स्थानीय लोगों ने चर्च में लगी आग की तस्वीरें खींचीं, जो सोशल मीडिया में वायरल हो गईं।
ईस्टर रात के समारोह से कुछ घंटों पहले चर्च में आग लगी। चर्च के खाक हो जाने के बाद 500 लोगों ने मलवों के पास ही उत्सव मनाए। समारोह की अध्यक्षता लूथरवादी बिशप सम्यूली सालमी ने की।
फिनलैंड के शिक्षा और संस्कृति मंत्री सन्नी ग्राह्न लासोनेन ने बयान जारी कर सदियों पुरानी स्थानीय संस्कृति के नष्ट होने पर दुख जताया।
विदित हो कि फिनलैंड में चर्च में आगजनी की घटनाएं अमूमन बराबर होती रहती हैं। वर्ष 2006 में एक युवक ने पोर्वो के कैथ्रेडल में आग लगा दी थी, जिससे वह नष्ट हो गया था। यह वही स्थल है, जहां रूस के जार अलेक्जेंडर ने फिनलैंड की स्वायत्तता की घोषणा की थी।
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