देहरादून, 27 मार्च (आईएएनएस)। उत्तराखंड में जारी सियासी संकट के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने रविवार शाम कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को अयोग्य घोषित किया।
इन नौ विधायकों में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, पूर्व कृषि मंत्री हरक सिंह रावत, प्रदीप खत्री, अमृता रावत, प्रणव चैम्पियन, सुबोध उनियाल, शैलारानी रावत, शैलेंद्र मोहन सिंघल व उमेश शर्मा शामिल हैं।
इन विधायकों को शनिवार को अयोग्य ठहराने को लेकर नोटिस दिया गया था, जिसके बाद उनके वकीलों ने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल से मुलाकात की थी।
शनिवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने का फैसला लिया गया और रविवार की दोपहर में इसे लागू कर दिया गया।
इससे पहले राज्यपाल कृष्णकांत पाल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को 28 मार्च को विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा था, लेकिन केंद्र सरकार ने रावत को यह मौका नहीं दिया।
इस बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि दिल्ली और बिहार में करारी हार के बाद भाजपा को समझ में आ गया है कि अन्य राज्यों में भी लोकतांत्रिक ढंग से उसका सत्ता में आना मुश्किल है, इसलिए केंद्र में सत्तारूढ़ यह पार्टी कांग्रेस शासित राज्यों में गलत हथकंडा अपनाकर बारी-बारी से सरकारों को गिराने में जुटी हुई है। यह सरासर अन्याय है, लोकतंत्र की हत्या है।
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