इस घटना से इन परिवारों के सामने अचानक रोटी, कपड़ा व मकान की समस्या आ खड़ी हो गई है। सूचना पर पहुंचे राजस्वकर्मियों ने पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
पुरुषोत्तमपट्टी गांव लगी आग से बीरबल यादव, हरिंद्र यादव, देवेंद्र यादव, राजेंद्र यादव, जोगिंदर यादव, मुन्ना यादव, शिव प्रसाद गोंड, भुवली, श्याम लाल गोंड, प्रहलाद कन्नौजिया, मीरा देवी, बदामियां, शिवनाथ व वीरेंद्र की झोपड़ियों से देखते-देखते आग की लपटें निकलने लगीं।
आग की लपटों पर काबू पाने का ग्रामीणों ने पूरा-पूरा प्रयास किया, लेकिन आग की विकरालता के सामने सभी लोग विवश थे। काफी प्रयास के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन पीड़ितों का एक दाना भी नहीं बचाया जा सका।
प्रधान भवानी शंकर यादव की सूचना पर पहुंचे लेखपाल गुलाबचंद वर्मा व मनियर एसओ संजय द्विवेदी ने पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
उधर, बंशीबाजार चट्टी पर शुक्रवार की देर रात लगी आग से एक परिवार की रिहायशी झोपड़ी, 7000 नकदी व उसमें रखा सभी सामान जलकर राख हो गया।
जानकारी के अनुसार, बंशीबाजार चट्टी पर लालू प्रसाद मुसहर अपने परिवार के साथ झोपड़ी में रहता है। रात में पूरा परिवार सो रहा था, इसी बीच आग लग गई। लालू प्रसाद व उसका परिवार कुछ समझ पाता, तब तक उसकी आंखों के सामने ही उसका आशियाना जलकर राख हो गया।
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