भारत विकास की उम्मीदों पर खरा उतरेगा : मोदी

नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत आवश्यक नीतियों और प्रशासनिक सुधारों के जरिए विकास का चमकता सितारा बनने की उम्मीदों पर खरा उतरेगा।

प्रधानमंत्री ने ब्लूमबर्ग की देश में मौजूदगी के 20 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित ब्लूमबर्ग इंडिया इकॉनॉमिक फोरम 2016 में यहां कहा, “विश्व की भारत से वैश्विक विकास में भूमिका निभाने को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं। मैं आपको बताना चाहूंगा कि कैसे भारत इस चुनौती पर खरा उतरेगा।”

मोदी ने कहा कि भारत आज सिर्फ दुनिया का सबसे तेज विकास दर वाला देश ही नहीं है, बल्कि इसका चालू खाता घाटा और वित्तीय घाटा तथा महंगाई दर भी कम है। यह अच्छी नीतियों का परिणाम है, अधिक धन का नहीं।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हम पिछले दोनों साल महत्वाकांक्षी वित्तीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने में सफल रहे। हमने पूंजीगत खर्च बढ़ाते हुए भी वित्तीय घाटा कम किया है।”

उन्होंने कहा कि मौजूदा कारोबारी साल की तीसरी तिमाही में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया।

मोदी ने कहा कि उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति और आर्थिक गतिविधियों का परिचायक वाहन उत्पादन मौजूदा कारोबारी साल में 7.6 फीसदी बढ़ा, फर्नीचर उत्पादन 57 फीसदी बढ़ा और बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले रेडीमेड कपड़ा के क्षेत्र में 8.7 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई।

उन्होंने कहा, “मेरा लक्ष्य बदलाव के जरिए सुधार लाना है। प्रशासनिक सुधार एक शुरुआत है।”

मोदी ने कहा कि देश की बड़ी आबादी किसानों की है, इसलिए उनकी सरकार का लक्ष्य जल्द ही किसानों की आय दोगुनी करने का है।

मोदी ने कहा, “हम एक राष्ट्रीय कृषि बाजार बना रहे हैं और बिचौलियों को हटा रहे हैं।”

उन्होंने कोयला जैसे प्राकृतिक संसाधनों की नीलामी का हवाला देते हुए कहा कि पारदर्शिता उनकी सरकार की एक अन्य विशेषता है।

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के साथ मिलकर महंगाई का लक्ष्य तय करेगी और ब्याज दर मौद्रिक नीति समिति तय करेगी, जिसमें सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं होगा।

उन्होंने निजी क्षेत्र द्वारा हाइड्रोकार्बन के उत्खनन और उत्पादन के लिए नई नीति तय करने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हमने मूल्य निर्धारण और विपणन की आजादी और पारदर्शी आय साझेदारी प्रणाली दे दी है। इससे नौकरशाही घटेगी।”

उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा में हम कुछ ही समय में 1,500 मेगावाट सौर ऊर्जा से सालाना 10 हजार मेगावाट तक पहुच गए हैं। जब हमने 175 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य रखा था तो लोगों को विश्वास नहीं हुआ था। आज हालांकि वैश्विक साझेदार इसे समझने लगे हैं।

मोदी ने बताया कि संसद ने हाल में अंतर्देशीय जल मार्गो पर एक विधेयक पारित कर दिया है और शेयर बाजारों में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ा दी गई है और उन्हें बाजार में सूचीबद्ध होने की अनुमति दे दी गई है।

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