बेंगलुरू, 29 मार्च (आईएएनएस)। एक सेल्सियन कैथोलिक पादरी ने यहां मंगलवार को कहा कि यमन में आईएस आतंकवादियों द्वारा भरतीय कैथोलिक पादरी फादर थॉमस उझुनलिल को सूली पर चढ़ाए जाने की पुष्ट खबर नहीं है।
फादर विंसेंट मैथ्यू ने कहा, “आज की तारीख तक फादर थॉमस के बारे में कोई पक्की जानकारी नहीं है, इसलिए सोशल मीडिया में फैली अफवाहों पर ध्यान न दें।”
फादर ने कहा कि अपहृत पादरी को मुक्त कराने के लिए सभी स्तरों पर अब भी प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि यही जानकारी उनके पास है, जो वह साझा कर रहे हैं।
हालांकि इस संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के प्रयास सफल नहीं हो सके हैं, क्योंकि बेंगलुरू के कैथोलिक चर्च के प्रमुख पादरी बर्नाड मोरास अपने निवास पर नहीं थे।
सोशल मीडिया और कई मीडिया घरानों ने इस आशय की खबर प्रकाशित की है कि आईएस आतंकवादियों ने गुड फ्राइडे (25 मार्च) को फादर थॉमस को सूली पर चढ़ा दिया। पादरी को चार मार्च को यमन में अदन शहर के एक वृद्धाश्रम से अगवा कर लिया गया था।
वृद्धाश्रम की स्थापना मदर टेरेसा ने 1992 में की थी। चार मार्च को आईएस के आतंकवादी वृद्धाश्रम में घुस गए और चार ननों सहित कई लोगों की हत्या कर दी। भारतीय पादरी भी वहां थे, जिन्हें अतंकवादी उठा कर ले गए। मृत ननों में एक भारतीय भी थीं।
पादरी थॉमस उझुनलिल का पैतृक घर कोट्टायम जिले के रामपुरम में है। उनका घर बंद रहता है, क्योंकि उनके अन्य भाई विदेश में रहते हैं। उनका एक भाई गुजरात में रहता है जो उनके अपहरण की खबर सुनकर घर आया है।
अपहृत पादरी के परिजनों ने कहा कि वे लोग इस मामले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री ओमन चांडी से संपर्क किया। चांडी विदेशमंत्री सुषमा स्वराज से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।
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