नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चार दिवसीय आस्ट्रेलिया यात्रा के दूसरे दिन बुधवार को सिडनी में ‘मेक इन इंडिया कांफ्रेंस-कॉलेबोरेशन फॉर ग्रोथ विद म्यूचुल बेनीफिट’ का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने देश के नौजवानों को रोजगार सुनिश्चित कराने के लिए विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार की जरूरत पर जोर दिया।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक वित्त मंत्री ने इस दौरान भारत सरकार द्वारा ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत व्यापार को आसान करने और देश में निवेशक अनुकूल माहौल बनाने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने देश के नौजवानों को रोजगार सुनिश्चित कराने के लिए विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार की जरूरत पर जोर दिया।
बयान के अनुसार, जेटली ने सरकार द्वारा लालफीताशाही खत्म करने, नियमों और कार्यवाहियों के सरलीकरण तथा डिलाइसेसिंग समेत व्यापार अनुकूल माहौल बनाने के लिए उठाए गए ठोस कदमों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार कराधान को पारदर्शी, स्थायी और आशानुरूप बनाने की दिशा में काम कर रही है।
मंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया आज तक का भारत का सबसे बड़ा ब्रांड बन गया है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बन गया है। विश्व के कई एजेंसियों और संस्थानों ने भारत को निवेश की दृष्टि से सबसे आकर्षक देश का दर्जा दिया है।
उन्होंने मौजूदा सरकार द्वारा अन्य क्षेत्रों के अलावा रेलवे, रक्षा सेवा और विनिर्माण के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को आकर्षित करने के लिए उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। जेटली ने बताया राष्ट्रीय निवेश और संरचना कोष (एनआईआईएफ) का गठन किया गया है जो पेशेवर तरीके से व्यावहारिक बुनियादी ढांचों की परियोजनाओं का प्रबंधन करेगा।
सम्मेलन में भारत में व्यापार करने पर एक समापन सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में सरकार की नीतियों, सुधारों और कराधान से संबंधित मामलों पर चर्चा की गई। एक दिवसीय सम्मेलन के दौरान खनन और संसाधन, कृषि व्यवसाय और स्मार्ट सिटी और शहरी निराकरण पर तीन समानान्तर सत्र का भी आयोजन किया गया।
मेक इन इंडिया कांफ्रेंस के दौरान आस्ट्रेलिया के विशेष व्यापार दूत एन्ड्रयू रोब, भारत के उच्चायुक्त नवदीप सुरी, न्यू साउथ वेल्स के पर्यटन और वृहद कार्यक्रम के संसदीय सचिव जोनाथन ओडिया, औद्योगिक नीति और योजना विभाग (डीआईपीपी) के संयुक्त सचिव कल्पना अवस्थी तथा भारतीय उद्योग परिसंघ के अध्यक्ष सुमित मजूमदार ने भी अपने विचार रखे।
इस कार्यक्रम का आयोजन औद्योगिक नीति और योजना विभाग (डीआईपीपी), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, सिडनी में भारतीय महावाणिज्य दूतावास, भारतीय उद्योग परिसंघ और आस्ट्रेड द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में भारतीय और आस्ट्रेलियाई उद्योग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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