ईरान के सर्वोच्च नेता मिसाइल कार्यक्रम के पक्षधर

खेमानी के मुताबिक, “यदि ईरान सिर्फ संवाद, अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और विज्ञान पर ही निर्भर रहेगा और अपनी रक्षा क्षमताओं को विकसित नहीं करेगा तो यह भी ठीक नहीं होगा। कमजोर देश भी देश के लिए खतरा हैं।”

उन्होंने कहा, “जो लोग कहते हैं कि देश का भविष्य मिसाइल कार्यक्रमों के विकास की बजाय वैश्विक शक्तियों के साथ विचार-विमर्श करने में हैं, वे लोग या तो अज्ञानी हैं या देशद्रोही हैं।”

उन्होंने कहा कि देश का भविष्य सभी क्षेत्रों के विकास पर निर्भर करता है। शत्रु राष्ट्र लगातार अपनी सैन्य और मिसाइल शक्तियों का विस्तार कर रहे हैं, ऐसे में हम कैसे मान लें कि मिसाइलों की जरूरत खत्म हो गई है? ईरान को अपनी सैन्य शक्ति और कूटनीति का विस्तार करना चाहिए।

ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने बुधवार को कहा कि देश अपनी रक्षा क्षमताओं का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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