रायपुर में भी जलस्रोत पर धारा 144 लागू

रायपुर, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के बाद अब रायपुर में भी पानी के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। जलसंकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने खारुन नदी से सिंचाई पर रोक लगा दी है।

प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों में जमीन से निकाले जा रहे 6 इंच के बोरवेल बंद करने का आदेश भी दिया है।

बारिश कम होने के कारण इस साल सूखे की स्थिति बनी हुई है और पेयजल संकट की स्थिति बन गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने पानी के उपयोग के लिए धारा 144 की कार्रवाई की है।

जानकारों का दावा है कि सन् 1962 के बाद पानी की इतनी गंभीर समस्या कभी नहीं रही। पहली बार यहां नदी के पानी का सिंचाई के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। नदी किनारे पानी के लिए उपयोग किए जा रहे सिंचाई पंपों और दूसरे स्रोतों को बंद करने का आदेश कलेक्टर ने जारी किया है।

नदी के जल का उपयोग अब केवल पेयजल के लिए ही किया जाएगा। यह पहला मौका पर जब रायपुर में पानी की समस्या को देखते हुए नलकूपों और नदी के पानी के सिंचाई के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश जून तक के लिए है।

गर्मी को देखते हुए कलेक्टर ने पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 1987 की धारा 03 के तहत 27 फरवरी से 30 जून तक जिले को जलसंकट क्षेत्र घोषित किया है। यहां पहले ही नलकूप के उत्खनन पर प्रतिबंध है और बिना अनुमति के बोरवेल खुदाई पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

जमीन से लगातार पानी निकालने के कारण जलस्तर घटता जा रहा है। कंक्रीट के जंगलों और पेड़ों की कटाई के कारण अब पर्यावरण का संतुलन बिगड़ चुका है और सूखे की स्थिति बनी है।

जलस्तर घटने में नलकूपों से पानी की निकाला जाना है। इस बात का अध्ययन करने के बाद कलेक्टर ठाकुर रामसिंह ने रायपुर जिले में पेयजल को लेकर धारा 144 दप्रसं के तहत कार्रवाई आदेश जारी किया है।

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