हैदराबाद, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (एचसीयू) के कुलपति पी. अप्पा राव को तत्काल निलंबित करने की मांग करते हुए बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
पुलिस ने विभिन्न छात्र संगठनों के कई कार्यकर्ताओं को मुख्य द्वार पर गिरफ्तार कर लिया, जब वे परिसर में कार्यकर्ताओं, मीडिया और अन्य के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे।
प्रदर्शनकारी कुलपति और केंद्रीय मंत्रियों स्मृति ईरानी और बंडारू दत्तात्रेय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गेट पर चढ़ गए।
एसएफआई, पीडीएसयू और एआईडीएसओ के कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां पकड़े मुख्य द्वार के सामने बैठ गए।
पुलिसकर्मी, प्रदर्शनकारियों को घसीटते और वाहनों में ले जाते दिखाई दिए।
यह प्रदर्शन छात्रों के साथ पुलिस की ज्यादतियों और अप्पा राव के कुलपति के तौर पर लौटने के बाद से परिसर के बंद रहने के खिलाफ विभिन्न छात्र संगठनों के समूह ‘ज्वॉइट एक्शन कमिटी फॉर सोशल जस्टिस’ द्वारा बुलाए गए ‘चलो एचसीयू’ के आह्वान पर हुआ।
छात्रों द्वारा वीसी लॉज की ओर मार्च करने के साथ परिसर में भी प्रदर्शन शुरू हो गया, जहां अप्पा राव अकादमिक समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों को विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने रोक लिया, जिसके बाद वे धरने पर बैठ गए और कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की।
जेएसी ने बुधवार को कक्षाओं के स्वैच्छिक बहिष्कार का आह्वान किया है।
पुलिस ने वीसी लॉज के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। यहां 22 मार्च को अप्पा राव के लगभग दो महीने के अवकाश के बाद कुलपति के पद पर फिर से लौटने पर हिंसात्मक प्रदर्शन हुआ था।
जेएसी उनके वापस लौटने का विरोध इस आधार पर कर रही है कि उन पर रोहित वेमुला खुदकुशी मामले में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम के निवारण के तहत मामला दर्ज किया गया है।
दलित शोध छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद दर्ज की गई प्राथमिकी में उन्हें आरोपी ठहराया गया था।
जेएसी राव को वेमुला की आत्महत्या का दोषी मानती है।
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