शिमला, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आय से अधिक संपत्ति मामले को विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों द्वारा बार-बार सदन की कार्यवाही बाधित करने के मामले में विधानसभा अध्यक्ष बी. बी. एल. बुटैल इतने भावावेश में आ गए कि बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
बुटैल को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए यहां इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें कार्डियक केयर यूनिट में भर्ती किया गया।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही 70 वर्षीय विधानसभा अध्यक्ष बुटैल ने सत्र के बचे दो दिनों में सदन को सौहार्दपूर्ण ढंग से चलने देने का आग्रह किया।
सर्वदलीय बैठक में मंगलवार के फैसले का उल्लेख करते हुए अध्यक्ष बुटैल ने सभी सदस्यों से सौहार्दपूर्वक सदन की कार्यवाही चलने देने को कहा। करीब 15 मिनट के संबोधन के दौरान बुटैल इतने भावुक हो गए कि कई बार उनकी आवाज लड़खड़ा गई।
जब बुटैल सही ढंग से नहीं बोल पा रहे थे, तो भाजपा सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने उन्हें शांत हो जाने को कहा।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह उस समय सदन में उपस्थित नहीं थे।
मंत्री कौल सिंह ने भी विधानसभा अध्यक्ष को अपने कक्ष में जाकर आराम करने को कहा। उन्होंने सलाह दी कि उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी सदन की अध्यक्षता कर सकते हैं।
बाद में बुटैल सदन से चले गए, लेकिन जाते-जाते भी उन्होंने सदन की कार्यवाही ठीक से चलने देने का आग्रह किया।
धूमल भी सदन से बाहर चले आए और उनका हाल चाल जाना।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी अपने कार्यालय से अध्यक्ष के कक्ष में आकर उनका कुशलक्षेम पूछा।
बीते एक सप्ताह से हिमाचल विधानसभा में हंगामा हो रहा था। कभी सदन की कार्यवाही स्थगित होती थी तो कभी विपक्षी सदस्य सदन से बाहर चले जाते थे। विपक्ष मुख्यमंत्री के मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय के ताजा रहस्योदघाटन पर बहस कराना चाहते थे।
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