नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के एक्सिम बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान के नेतृत्व में ईरानी बैंकों के समूह के बीच समझौते के दायरे को बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत भारत से ईरान को सामान और सेवा निर्यात को 900 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,000 करोड़ करने के लिए वित्तपोषण किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को इसे मंजूरी दी गई।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक यह प्रक्रिया निर्यात विकास कोष (ईडीएफ) के इस्तेमाल से पूरी की जाएगी। प्रस्ताव में दो ठेकों की व्यवस्था है, जिनमें एसटीसी द्वारा इस्पात पटरियों का निर्यात और ईडीएफ के तहत पूर्व में मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत चाबहार गोदी विकास परियोजना शामिल है।
इस कदम से भारत से ईरान को होने वाले निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा और रणनीतिक साझेदारी के तहत ईरान के साथ भारत के संबंध प्रगाढ़ होंगे।
उल्लेखनीय है कि नवम्बर, 2014 में भारतीय एक्सिम बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान के नेतृत्व में 07 ईरानी बैंकों के बीच समझौता हुआ था, जिसके तहत ईरान द्वारा भारत से सामान और सेवाएं खरीदने के लिए वित्त पोषण की व्यवस्था की गई थी।
वित्त पोषण में 3000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी से एक्सिम बैंक ईरान की तरफ से सार्वभौमिक गारंटी प्राप्त करके सामान और सेवाओं के निर्यात के संबंध में ईरान को खरीदार साख सुविधा प्रदान करने में सक्षम हो जाएगा। इससे भारतीय कंपनियों को ईरान में अपनी गतिविधियां चलाने का अवसर मिलेगा और ईरान के साथ निवेश तथा व्यापार में इजाफा होगा। इस कदम से भारत में सहयोगी औद्योगिक गतिविधियों का विकास तथा रोजगार सृजन में भी बहुत सहायता होगी।
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