प्रदेश के सूचना आयुक्तों पर निरंकुश तरीके से काम करने का आरोप लगाते हुए आरटीआई कार्यकर्ताओं ने 11 अप्रैल को ही आरटीआई भवन के मुख्यद्वार के सामने सभी सूचना आयुक्तों का पुतला दहन करने का ऐलान किया है।
इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ देश हरियाणा, पंजाब, गुजरात, दिल्ली के साथ-साथ भारत से बाहर के लंदन और ब्यूनस आयर्स अर्जेंटीना से अनेक व्यक्तियों और संगठनों ने शिरकत करने की हामी भरी थी। माना जा रहा है कि इस विरोध प्रदर्शन के चलते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आरटीआई भवन का उद्घाटन करने से इनकार कर सकते हैं।
इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वाली आरटीआई कार्यकर्ता उर्वशी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के कार्यक्रम में ‘पुतला दहन’ के बाद उप्र के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र भेजे जाएंगे और मांगें पूरी न होने पर अहिंसक रूप से क्रमश: 27 मई से ‘आरटीआई भवन’ में ‘सविनय कार्य बहिष्कार’ आंदोलन, 1 जुलाई से ‘कार्य रोको’ आंदोलन और 15 अगस्त को मुख्यमंत्री का घेराव कर ‘जेल भरो’ आंदोलन चलाया जाएगा।
उर्वशी के मुताबिक, यूपी के अधिकांश सूचना आयुक्त सुनवाइयों के दौरान आरटीआई आवेदकों का उत्पीड़न करने, आरटीआई एक्ट के प्रावधानों से इतर कार्य कर भ्रष्टाचार में लिप्त होकर व्यक्तिगत लाभ अर्जित कर रहे हैं।
उर्वशी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि 11 अप्रैल के उनके इस प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम के चलते ही सीएम अखिलेश यादव ने 11 अप्रैल को ‘आरटीआई भवन’ का उद्घाटन करने से इनकार कर दिया है और अब इस नवनिर्मित आरटीआई भवन का उद्घाटन हुए बिना ही इसमें 11 अप्रैल से सुनवाइयां शुरू हो जाएंगी।
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