कोच्चि, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल उच्च न्यायालय की देवासम पीठ मंगलवार को उस पत्र पर सुनवाई करेगा, जिसमें न्यायालय से मंदिर हादसे को स्वत: संज्ञान लेने का आग्रह किया गया है। पत्र में कहा गया है कि कोई भी बेगुनाह लोगों की जान नहीं ले सकता।
देवासम पीठ केरल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. चितम्बरेश की ओर से लिखे पत्र को जनहित याचिका के रूप में लेगी। यह पत्र रविवार तड़के कोल्लम जिले के पेरावुर कस्बे में पुत्तिंगल देवी मंदिर में आतिशबाजी के दौरान आग में 112 लोगों के मारे जाने और 350 से ज्यादा लोगों के घायल होने के बाद लिखा गया है।
उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति चितम्बरेश ने सोमवार को केरल उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार को एक पत्र लिखा था।
न्यायालय ने पत्र मंदिर से संबंधित मामले देखने वाली देवासम पीठ को सौंपने का निर्णय लिया और उससे इसे जनहित याचिका के रूप में लेने के लिए कहा। पीठ अब इस पर मंगलवार अपराह्न् 1.45 बजे सुनवाई करेगी।
न्यायमूर्ति चितम्बरेश ने आठ नवंबर, 2011 को केरल उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी और उन्हें सात दिसंबर, 2012 से स्थायी न्यायाधीश नियुक्त कर दिया गया।
dharmpath.com dharmpath