रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना को लेकर फरवरी से ही मंत्रणा जारी है। पूर्व मध्य, पूर्वोत्तर, उत्तर और उत्तर मध्य रेलवे की लाइनों में गैप खोजा जा रहा है।
वहीं, गोरखपुर होते हुए नई दिल्ली से नाहरलागून के बीच चलने वाली साप्ताहिक एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस को भी राजधानी बनाने की चर्चा है।
दरअसल, ट्रेनों के बीच गैप मिलने के बाद ही राजधानी एक्सप्रेस का प्रस्ताव तैयार हो सकेगा। राजधानी सुपरफास्ट ट्रेन होती है, जो देश की राजधानी से प्रदेश की राजधानी को जोड़ती है। यह रास्ते के प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए चलती है।
ऐसे में पटना स्थित दीघा पुल ने इस ट्रेन का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। अब तक पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर ऐसे किसी सीधे रूट पर नहीं पड़ रहा था, जो किसी प्रदेश की राजधानी को देश की राजधानी से जोड़ता हो।
कोलकाता से चलने वाली राजधानी पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा-बलिया रूट से होकर गुजर जाती है। नई दिल्ली से गोरखपुर होते हुए एक वातानुकूलित साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन अरुणाचल प्रदेश के नाहरलागून तक जाती है।
बताया जा रहा है कि अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर तक रेल लाइन बिछाने की तैयारी भी चल रही है। रेल लाइन बिछ गई तो इस ट्रेन को भी राजधानी के रूप में ही चलाया जाएगा। ऐसे में गोरखपुर से होकर दो राजधानी एक्सप्रेस चलने लगेंगी।
dharmpath.com dharmpath