श्रीनगर, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के हंदवाड़ा में सेना के जवान द्वारा कथित तौर पर छेड़छाड़ की शिकार लड़की की मां ने शनिवार को जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय का रुख किया और आरोप लगाया कि उसकी बेटी को पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में रखा है।
लड़की की मां ने न्यायालय व मीडिया से कहा कि मंगलवार को हुई कथित छेड़छाड़ के बाद उसकी बेटी का वीडियो बयान जबरदस्ती लिया गया था।
सेना द्वारा जारी वीडियो में लड़की ने दावा किया है कि उसके साथ कुछ स्थानीय लोगों ने दुर्व्यवहार किया। यह वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
उच्च न्यायालय ने शनिवार को राज्य पुलिस को निर्देश दिया कि वह 20 अप्रैल तक लड़की का किसी तरह का बयान दर्ज नहीं करे। उसका बयान कुपवाड़ा के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष दर्ज किया जाएगा।
दिन में इससे पहले लड़की की मां ने आरोप लगाया कि एक नागरिक समाज समूह द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शामिल होने से उसे रोका गया।
बाद में, उसने संवाददाताओं से दावा करते हुए कहा कि उसकी बेटी के साथ सेना के जवान ने उस वक्त छेड़खानी की, जब उसने उस सार्वजनिक शौचालय में घुसने का प्रयास किया, जिसमें वह लड़की थी।
इस कथित छेड़छाड़ से सेना ने इंकार किया। बाद में इस घटना के खिलाफ पूरी घाटी में हिंसक प्रदर्शन होने लगे, जिस दौरान सुरक्षाबलों की गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गई।
लड़की व उसके पिता को राज्य पुलिस ने एहतियातन हिरासत में रखा है।
घाटी में बीते दो दिनों से मोबाइल इंटरनेट सेवा निलंबित कर दिया गया है और घाटी के कई हिस्सों में पाबंदी लगा दी गई है।
हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज फारूक तथा यासीन मलिक सहित सभी अलगाववादी नेताओं ने घाटी में बंद का आह्वान किया है।
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