कोलकाता, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को भेजे गए चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब राज्य सरकार द्वारा देना वैधानिक दृष्टि से पूरी तरह जायज है।
नादिया जिले के कृष्णानगर में रविवार को मोदी ने एक सभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग ने आचार संहिता उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी को भेजा था न कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को। ऐसे में नोटिस का जवाब मुख्य सचिव द्वारा दिया जाना सरकारी तंत्र का दुरुपयोग है।
मोदी के भाषण के चंद मिनट के अंदर ही तृणमूल के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि नोटिस मुख्यमंत्री को संबोधित था, इसलिए मुख्य सचिव द्वारा इसका जवाब देना पूरी तरह से जायज है।
ब्रायन ने अपने फेसबुक पेज पर ममता को भेजे गए नोटिस को पोस्ट करते हुए लिखा, “चुनाव आयोग का पत्र एक सार्वजनिक दस्तावेज है। तकनीक के पुरोधा (टेक सेवी) मोदी तो इसे आनलाइन भी पढ़ सकते हैं। यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को संबोधित है न कि तृणमूल अध्यक्ष या भवानीपुर विधानसभी सीट की प्रत्याशी को।” ममता भवानीपुर सीट से प्रत्याशी हैं।
ब्रायन ने लिखा, “इसलिए, मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र का जवाब मुख्य सचिव द्वारा दिया जाना सही है।”
तृणमूल प्रवक्ता ने पूछा, “क्या प्रधानमंत्री को गलत तथ्यों की जानकारी थी? या फिर वह झूठ बोल रहे हैं?”
चुनाव आयोग ने गुरुवार को ममता बनर्जी को नोटिस भेजा था। ममता ने चुनावी सभाओं में आसनसोल को जिला बनाने का वादा और ऐसी ही कुछ और बातें कही थीं जिस पर उनके नाम नोटिस जारी हुआ है।
dharmpath.com dharmpath