शिलांग, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने सोमवार को मेघायल के शिलांग में बच्चे को गोद लेने के संबंध में पूवरेत्तर राज्यों के क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान से महिलाओं और बच्चों की तस्करी रोकने के लिए भारत समाधान ढूंढ़ रहा है।
उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों को विशेष महिला पुलिस नियुक्त करने का निर्देश दिया, ताकि महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी पर रोक लगाई जा सके।
उन्होंने कहा, “इस मुद्दे पर कैबिनेट में चर्चा हुई है। नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान में इस मुद्दे पर काम करने वाले एनजीओ की एक बैठक पिछले महीने बुलाई गई थी। इसकी अगली बैठक अगले सप्ताह होगी।”
मेनका ने महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने और उनके सशक्तीकरण के लिए विशेष महिला पुलिस स्वयंसेवी योजनाओं, सेल फोन में पैनिक बटन, जैसे उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र की महिलाओं और अन्य महिला श्रम सहायता समूहों से उनके मंत्रालय के डिजिटल विपणन पोर्टल, और महिला ई-हाट का उपयोग करने का अनुरोध किया, ताकि उनके सुंदर उत्पादों का विपणन हो और संभावित खरीदारों के साथ सीधा संपर्क स्थापित हो सके।
मेनका ने कहा कि नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने दत्तक ग्रहण सुधारों की सबसे पहले शुरुआत की।
उन्होंने कहा, “इस सुधार प्रक्रिया का किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 को तैयार करने में उपयोग किया गया है। नए अधिनियम में दत्तक ग्रहण के विभिन्न चरणों के लिए बाल कल्याण समितियों और दत्तक ग्रहण एजेंसियों के लिए समय-सीमा दी गई हैं।”
इस सम्मेलन में पूर्वोत्तर राज्यों में राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन एजेंसियों (सारा), जिला बाल संरक्षण इकाइयों, बाल कल्याण समितियों, विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसियों, बाल देखभाल संस्थानों के हितधारकों तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण और इस क्षेत्र की राज्य सरकारों के संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
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