तिरुवनंतपुरम, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। विपक्षी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने मंगलवार को केरल विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया। घोषणापत्र में 25 लाख नई नौकरियों, पारंपरिक उद्यमों के लिए एक नए विभाग और मध्यपूर्व से लौटने वालों के लिए एक विशिष्ट बैंक जैसे लुभावने वादे किए गए हैं।
एलडीएफ के संयोजक वाइकोम विश्वन ने घोषणापत्र जारी करते हुए कहा कि संगठन का लक्ष्य एक ‘नए पुनरुत्थानशील केरल’ का निर्माण करना है, जो ‘सचमुच धर्म निपरेक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त हो’।
केरल विधानसभा की 140 सीटों के लिए 16 मई को मतदान होंगे।
विश्वन ने कहा, “हमारे घोषणापत्र में एक नए केरल का वादा करती 35 नीतियां और 600 सुझाव हैं। इसमें आईटी, पर्यटन और सेवा क्षेत्रों में 25 लाख नौकरियां पैदा करना भी शामिल है।”
उन्होंने कहा कि अगर वाम मोर्चा सत्ता में आती है तो वह सुनिश्चित करेगी कि रबड़ को ‘कृषि फसल’ घोषित किया जाए और धान की उपज के लिए ज्यादा सब्सिडी दी जाए और नई योजनाएं लागू की जाएं।
एलडीएफ ने 1,000 नए स्टार्ट-अप्स में प्रत्येक को दो लाख रुपये की प्राथमिक सहायता देने का वादा भी किया।
पार्टी ने कहा कि पारंपरिक उद्यमों और महिलाओं के लिए एक नया विभाग खोला जाएगा।
विश्वन ने कहा, “सार्वजनिक वितरण प्रणाली में (13) बुनियादी खाद्य वस्तुएं राज्य संचालित दुकानों से उपलब्ध कराई जाएंगी और पांच वर्षो तक उनकी कीमत में बदलाव नहीं होगा।”
एलडीएफ ने राज्य के पांच लाख सरकारी कर्मचारियों और इतनी ही संख्या में शिक्षकों को खुश करने के लिए कहा कि वह वैधानिक पेंशन योजना के एवज में हाल ही में शुरू की गई अंशदायी पेंशन योजना पर फिर से विचार करेगी, जिसे ओमन चांडी सरकार ने बंद कर दिया है।
उन्होंने कहा, “एक बैंक स्थापित किया जाएगा जिसमें मध्यपूर्व से लौटने वालों के लिए खास व्यवहार किया जाएगा।”
एलडीएफ के घोषणापत्र के मुताबिक, “सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि नए घर के निर्माण के लिए लोगों को नियंत्रित दरों पर रेत और चूना पत्थर दिया जाए।”
विश्वन ने शराब नीति पर कहा कि एलडीएफ चरणबद्ध तरीके से शराब की उपलब्धता कम करेगी और व्यापक शराब रोधी अभियान चलाएगी।
चांडी की अगुवाई वाला संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन बुधवार को अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करेगा।
dharmpath.com dharmpath