नई दिल्ली, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत ने मॉरीशस के साथ परंपरागत औषधि और होम्योपैथी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
समझौता ज्ञापन पर केंद्रीय आयुष, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद यस्सो नाइक ने हाल में मॉरिशस यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए।
इस समझौते से स्वास्थ्य एवं औषधि की परंपरागत प्रणाली के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। दोनों देशों में विशिष्ट ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों के कारण पहले से ही यह परंपरा साझी है।
समझौता ज्ञापन में विशेषज्ञों के आदान-प्रदान, परंपरागत औषधीय पदार्थो की आपूर्ति, संयुक्त अनुसंधान एवं विकास तथा दोनों देशों में स्वास्थ्य और औषधि की परंपरागत प्रणालियों की मान्यता शामिल हैं। इसका उद्देश्य आयुष के तहत आने वाली विभिन्न भारतीय परंपरागत प्रणालियों को बढ़ावा देना और उन्हें लोकप्रिय बनाना भी है।
यह समझौता दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए बहुत महत्वपूर्ण है। आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा रिग्पा और होम्योपैथी (आयुष) ने औषधि की भारतीय प्रणालियों का वैश्विक रूप से प्रचार करने के उद्देश्य से चीन, मलेशिया, त्रिनिडाड टोबेगो, हंगरी, बांग्लादेश और म्यांमार के साथ भी समझौता किए हैं।
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