नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पेरिस में 2015 में हुए जलवायु परिवर्तन को लेकर 21वें समझौते (सीओपी-21) के दौरान स्वीकार्य वैश्विक जलवायु समझौते पर दस्तखत करने की बुधवार को मंजूरी दे दी। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून द्वारा आयोजित उच्चस्तरीय हस्ताक्षर समारोह के दौरान शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। जावड़ेकर बुधवार शाम न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो रहे हैं।
सरकार की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, “जलवायु सम्मेलन के सिद्धांत व प्रावधान के आधार पर भारत ने सुदृढ़ व स्थायी जलवायु समझौते की वकालत की है। पेरिस समझौता भारत की समस्त महत्वपूर्ण चिंताओं व उम्मीदों का समाधान करेगा।”
संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी-21) दिसंबर 2015 में पेरिस में हुआ था, जहां 195 देशों ने पहली बार व्यापक कानून से बंधे वैश्विक जलवायु समझौते को स्वीकार किया।
यह समझौता निष्पक्षता व सर्वनिष्ठता के सिद्धांत को मान्यता देता है, लेकिन देशों की विभिन्न परिस्थितियों के आधार पर जिम्मेदारियों व क्षमताओं को अलग करता है।
पेरिस समझौता विकासशील देशों की विकास की जरूरत को समझता है। यह विकासशील देशों के विकास के अधिकार तथा पर्यावरण को साथ रखते हुए विकास को मान्यता देता है।
समझौते में खतरनाक जलवायु परिवर्तन से बचाव के लिए वैश्विक कार्य योजना तैयार किया गया है, जो ग्लोबल वॉर्मिग को दो डिग्री सेल्सियस तक कम करेगा। समझौता साल 2020 में प्रभाव में आएगा।
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