कन्नूर (केरल), 25 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल में एक ओर जहां मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) वी.एस.अच्युतानंदन और पिनरई विजयन में से किसे मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करे, इस बात को लेकर माथापच्ची कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के एक पूर्व मुख्यमंत्री की विधवा ने विजयन की मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी पर जोर दिया है।
प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में से एक ई.के.नयनार की विधवा व पेशे से शिक्षिका के.पी.शारदा ने सोमवार को अपने रुख से सबको तब अवगत कराया, जब कन्नूर के धर्मादोम विधानसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले विजयन ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया।
नयनार सन् 1980-1981, 1987-1991 तथा 1996-2001 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे। उनका 19 मई, 2004 को निधन हो गया था।
शारदा ने विजयन से कहा कि वह न सिर्फ धर्मादोम से विजयी होंगे, बल्कि भारी मतों के अंदर से विजयी होकर मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा, “मैं क्लीफ हाउस (मुख्यमंत्री का आधिकारिक निवास) का दौरा करना चाहती हूं”, जहां वह अपने पति के मुख्यमंत्री रहने के दौरान तीन बार रही चुकी हैं।
विजयन के घर से निकलने के बाद संवाददाताओं से शारदा ने कहा कि वह चाहती हैं कि विजयन मुख्यमंत्री बनें। उन्होंने संवाददताओं से कहा, “हां, मैं 100 फीसदी चाहती हूं कि विजयन ही मुख्यमंत्री बनें। हां, अच्युतानंदन मुकाबले में हैं, लेकिन उन्हें अब विजयन की राह आसान करनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि मामले पर फैसला पार्टी लेगी।
बीते साल राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान नयनार की बेटी ने अर्नाकुलम से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ा था।
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