इंफाल, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। मणिपुर में हाल ही में मूसलाधार बारिश से बेघर हुए ग्रामीणों के लिए राज्य सरकार ने राहत शिविर खोलने शुरू कर दिए हैं। यह जानकारी एक अधिकारी ने सोमवार को दी।
अधिकारिक रपट के मुताबिक, ओइनम विधानसभा क्षेत्र में करीब 3307, नामबोल विधानसभा क्षेत्र में 2000 और इंफाल पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में 220 घर वर्षा से बर्बाद हो गए हैं।
राहत शिविर खोलने में हुई देरी पर मणिपुर सरकार की आलोचना करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार शिवचंद्र ने कहा, “वहां हजारों घर और अन्य सुविधाएं बर्बाद हो गई हैं जिसे हर कोई देख सकता है। यह समझ से परे है कि सोमवार तक राहत शिविर खोलने के लिए सरकार को इंतजार क्यों करना पड़ा?”
वर्षा और घूल भरी आंधी से राज्य में बड़े पैमाने पर धान और सब्जी के खेत बर्बाद हो गए। निचले इलाकों और कई गांवों में बाढ़ आ गई है।
अधिकारियों ने सोमवार को आईएएनएस से कहा कि राज्य की बड़ी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को छूने ही वाला है। राजकीय और राष्ट्रीय राजमार्गो के कुछ हिस्से भी पानी में डूब गए हैं।
भारी वर्षा के बाद बाढ़ और जलजमाव से राज्य में जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। मणिपुर के स्वास्थ्य मंत्री डी.के. कोरंगथांग ने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार से विशेष पैकेज देने का अनुरोध करेगी।
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