नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत ने चीन के असंतुष्ट उइगर नेता को धर्मशाला में होने वाले ‘वर्ल्ड उइगर कांग्रेस’ में भाग लेने के लिए जारी पर्यटन वीजा रद्द कर दिया है।
जर्मनी में रह रहे उइगर नेता डोलकुन ईसा ने वीजा रद्द होने पर निराशा जताई है।
सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पर्यटन वीजा इस वजह से रद्द किया है कि यह किसी सम्मेलन में भाग लेने के लिए वैध यात्रा दस्तावेज नहीं है।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, “हमने डोलकुन ईसा को दिया गया वीजा रद्द कर दिया है।”
हिमाचल प्रदेश स्थित धर्मशाला में 28 अप्रैल से 1 मई तक ‘वर्ल्ड उइगर कांग्रेस’ का आयोजन होना है।
इसका आयोजन अमेरिका स्थित संगठन ‘इनिशिएटिव्सफॉर चाइना’ की ओर से किया जा रहा है।
वीजा रद्द होने पर अपनी निराशा जाहिर करते हुए ईसा ने कहा कि भारतीय प्रशासन ने मुझे पर्यटन ई-वीजा जारी किया था, लेकिन मेरी यात्रा की खबर विस्तार से भारतीय मीडिया में आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि भारतीय प्रशासन ने 23 अप्रैल को पर्यटन वीजा रद्द किया।
उन्होंने कहा, ” भारत जिस कठिन स्थिति में खुद को पा रहा है, मैं उसे समझता हूं। मैं इस बात पर खेद प्रकट करता हूं कि मेरी यात्रा ने बिना मतलब का ऐसा विवाद पैदा कर दिया।”
इस सम्मेलन में चीन के विशिष्ट जातीय एवं धार्मिक समुदाय के साथ-साथ विद्वानों एवं कार्यकर्ताओं में मुलाकात और खुली चर्चा होनी है। इसमें विचारों का आदान-प्रदान, शांतिपूर्ण बातचीत को बढ़ावा देना और समुदायों के बीच फिर से मजबूत संबंध बनाना है।
ईसा ने यह भी कहा कि चीन ने नियमित रूप से उनके मानवाधिकारों के काम को रोकने या हस्तक्षेप करने की कोशिश की है। जेनेवा में तो उसने खासकर ऐसा किया है।
इस सम्मेलन में असंतुष्ट उइगर नेता को आमंत्रित करने से चीन का भड़कना तय था।
पिछले हफ्ते विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन के विदेश मंत्री वांग ली से मास्को में मुलाकात की थी। दोनों नेता रूस, भारत और चीन के त्रिपक्षीय बैठक में भाग लेने मास्को पहुंचे थे। जबकि, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल बीजिंग गए थे। वहां उन्होंने चीन-भारत सीमा मुद्दे पर आयोजित 19वें विशेष प्रतिनिधियों की बैठक में स्टेट काउंसिलर यांग जेइची से मुलाकात की।
दोनों मुलाकातों में भारत ने चीन के समक्ष संयुक्त राष्ट्र में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर प्रतिबंध की पहल की राह में रोड़ा अटकाने का मुद्दा उठाया। अजहर को पठानकोट हमले का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है।
पाकिस्तान के करीबी दोस्त चीन ने कहा था कि अजहर पर प्रतिबंध के लिए पर्याप्त आधार नहीं है।
ईसा को उइगर सम्मेलन में भाग लेने के लिए वीजा जारी करने को भारत का जैसे-को तैसा जवाब के रूप में देखा जा रहा था।
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