नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार को कांग्रेस द्वारा गुजरात राज्य पेट्रेलियम कार्पोरेशन (जीएसपीसी) में कथित कुप्रबंधन का मामला उठाने की वजह से बाधित हुई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हालांकि इसे अगस्ता वेस्टलैंड मामले से भटकाने की कोशिश करार दिया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी।
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस सदस्यों ने कथित कुप्रबंधन का मामला उठाया। उपसभापति पी.जे. कुरियन ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस द्वारा दिया गया नोटिस सभापति एम. हामिद अंसारी के ध्यानार्थ है।
तृणमूल कांग्रेस सदस्य सुखेंदू शेखर रॉय ने हालांकि सदन में अगस्तावेस्टलैंड मामला उठाया और सवाल किया कि घूसखोर कौन है।
रॉय ने सवाल उठाया और सदन में मौजूद रक्षा मंत्री मनोहर पíरकर से इस मुद्दे पर बोलने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, “रक्षा मंत्री को इस बारे में बयान देने की जरूरत है कि अगस्ता वेस्टलैंड समझौते में रिश्वत किसने ली।”
कांग्रेस सदस्य सभापति की आसंदी के करीब एकत्रित हो गए और जीएसपीसी पर चर्चा कराने के नारे लगाने शुरू कर दिए।
इस पर संसदीय मामलों के राज्य मंत्री अब्बास नकवी ने कहा कि इस मामले पर ऊपरी सदन में चर्चा नहीं कराई जा सकती, क्योंकि यह एक राज्य का मुद्दा है।
उन्होंने कहा, “गुजरात विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएसी) जीएसपीसी पर कैग रिपोर्ट की जांच पड़ताल कर रही है। हम यहां विधानसभा की पीएसी पर चर्चा नहीं कर सकते, यह नियम व परंपरा है।”
नकवी ने कहा, “यह अगस्ता वेस्टलैंड से ध्यान हटाने और ऐसे गैर मुद्दों पर हंगामा करने की एक चाल है।”
उपसभापति कुरियन ने आसंदी के करीब जमे कांग्रेस सदस्यों को बताया कि उनका नोटिस सभापति के ध्यानार्थ है, इसलिए वे सीटों पर लौट जाएं।
कुरियन ने सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न् 11.30 तक के लिए स्थगित करने से पूर्व कहा, “नोटिस सभापति के ध्यानार्थ है। इसके बावजूद सदन के बीचोबीच मजमा लगाना और नारेबाजी करना अस्वीकार्य है। आप क्या हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं? मैं इससे सहमत नहीं हूं।”
dharmpath.com dharmpath