नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि उत्तराखंड के जंगलों में आग की स्थिति अब नियंत्रण में है। घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय और भाजपा के जगदंबिका पाल एवं कई अन्य सदस्यों ने उठाया था। गृहमंत्री ने कहा, “राज्य प्रशासन काम में लगा है। पिछली रात मैंने हालात की समीक्षा की। अधिकारियों ने मुझे बताया है कि स्थिति सामान्य एवं नियंत्रण में है।”
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) कर्मी और हेलीकॉप्टर आग बुझाने के काम में लगाए गए हैं। अब आग पर नियंत्रण पा लिया गया है।
गृह मंत्री ने कहा, “आग के कारण किसी के हताहत होने के बारे में स्थानीय प्रशासन से कोई पुष्टि नहीं हुई है।”
उत्तराखंड में हरीश रावत सरकार की बर्खास्तगी के बाद 27 मार्च से ही राष्ट्रपति शासन लागू है।
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सौगत राय ने लोकसभा को एक स्थगन नोटिस दिया और उत्तराखंड की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने की मांग की। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने यह मांग ठुकरा दी।
बाद में शून्यकाल के दौरान राय ने कहा कि उत्तराखंड में कोई लोकप्रिय सरकार नहीं है। उन्होंने इस स्थिति के लिए भाजपा और कांग्रेस, दोनों को जिम्मेदार ठहराया।
मीडिया में आई खबरों में दावा किया गया है कि जंगल की आग के कारण कुछ लोगों की मौत हुई है और 15 लोग घायल हुए हैं।
खबरों में यह भी कहा गया है कि पौड़ी, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, टिहरी और अल्मोड़ा में आग की वजह से सैकड़ों हेक्टेयर वन नष्ट हो गए हैं।
खराब दृश्यता और घने धुएं के कारण जंगल की आग बुझाने के प्रयास के तहत एमआई-17 हेलीकॉप्टरों की कई उड़ानें रविवार को रोकनी पड़ीं।
राज्य सरकार की उम्मीद बारिश पर टिकी हुई है।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जो भी उपाय संभव है, उनका इस्तेमाल करने के अलावा हम सिर्फ यही प्रार्थना कर सकते हैं कि राज्य में जल्द से जल्द बारिश हो जाए।
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