अगरतला, 2 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय कानून मंत्रालय के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्यों में स्थित पांच में से तीन उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की संख्या स्वीकृत संख्या की तुलना में काफी कम है।
मंत्रालय का कहना है कि पूर्वोत्तर राज्यों के पांच उच्च न्यायालयों -गुवाहाटी, सिक्किम, मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा- में न्यायाधीशों की संख्या 40 होनी चाहिए, लेकिन यह फिलहाल 27 ही है।
कानून और न्याय मंत्रालय के एक दस्तावेज में कहा गया है कि गुवाहाटी उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 24 होनी चाहिए, लेकिन फिलहाल यहां 14 न्यायाधीश ही हैं। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में असम, नागालैंड, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश आते हैं।
मेघालय उच्च न्यायालय में वर्तमान में दो न्यायाधीश हैं, जिसकी स्वीकृत संख्या चार है। सिक्किम उच्च न्यायालय में तीन के बजाए दो न्यायाधीश हैं।
त्रिपुरा (4) और मणिपुर (5) उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की संख्या स्वीकृत संख्या के बराबर है।
मंत्रालय के दस्तावेज में कहा गया, “अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मिजोरम के लिए अलग उच्च न्यायालयों का निर्माण नहीं किया गया, क्योंकि राज्य सरकारों ने अभी तक इन राज्यों में आवश्यक बुनियादी ढांचे का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है।”
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