उज्जैन, 2 मई (आईएएनएस)। उज्जैन में चल रहे सिहस्थ कुंभ में हिस्सा लेने आए किन्नर अखाड़ा का पहला महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को बनाया गया। सोमवार को विधि-विधान के साथ लक्ष्मी ने महामंडलेश्वर की पदवी ग्रहण की।
उज्जैन, 2 मई (आईएएनएस)। उज्जैन में चल रहे सिहस्थ कुंभ में हिस्सा लेने आए किन्नर अखाड़ा का पहला महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को बनाया गया। सोमवार को विधि-विधान के साथ लक्ष्मी ने महामंडलेश्वर की पदवी ग्रहण की।
देश में साधु-संतों के 13 अखाड़े हैं, जिनमें किन्नर अखाड़ा शामिल नहीं है। इसके बावजूद किन्नर अपने अखाड़ों की ही तरह सिंहस्थ कुंभ में सुविधाएं दिए जाने की मांग करते रहे हैं, मगर वे इसमें सफल नहीं हुए हैं। इस बार के सिंहस्थ कुंभ में किन्नर अखाड़े को जमीन आवंटित की गई। इस अखाड़े ने अपनी शोभायात्रा भी निकाली थी।
किन्नर अखाड़ा के अजय दास ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि उजड़खेड़ा क्षेत्र में स्थित अखाड़ा के शिविर में एक समारोह आयोजित कर लक्ष्मी को आचार्य महामंडलेश्वर की पूरे विधि-विधान के साथ पदवी ग्रहण कराई गई। उनके द्वारा अखाड़े की नियमावली और उद्देश्य तय किए जाएंगे। अखाड़ा के चार पीठाधीश्वर और चार महंतों का भी चयन किया गया है।
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