आंधी के बाद बदल गया सिंहस्थ कुंभ मेले का नाजारा (फोटो सहित)

उज्जैन, 6 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ के दौरान गुरुवार को आंधी के बीच हुई तेज बारिश ने पलभर में यहां का नजारा बदल दिया। आकर्षक पंडाल और भव्य द्वार कुछ पलों में ही पत्तों की तरह बिखर गए और पंडालों के भीतर मौजूद श्रद्धालुओं में अपनी जान बचाने की होड़ मच गई।

उज्जैन में 22 अप्रैल से इस शताब्दी का दूसरा सिंहस्थ कुंभ शुरू हुआ है। इस धार्मिक समागम में सरकार ने पांच करोड़ लोगों के आने का अनुमान लगाते हुए सारी व्यवस्थाएं की थी। तमाम अखाड़ों के साथ साधु-संतों और श्रद्घालुओं के लिए सामाजिक संस्थाओं ने पंडाल बनाए थे।

कुंभ मेला क्षेत्र में गुरुवार की शाम तक हर तरफ तंबू, टेंट और उन पर फहराती पताकाएं ही नजर आती थीं, पर शुक्रवार सुबह का नजारा एकदम जुदा है। पंडालें पूरी तरह तहस नहस हैं, सड़कों पर पानी और कीचड़ हैं जो अमावस्या पर स्नान करने आने वाले श्रद्घालुओं के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हालात का जायजा लेने के बाद शुक्रवार को अफसरों से कहा है कि हिम्मत नहीं हारना है, बल्कि इस आपदा के समय में भी कार्य करके दिखाना है। उन्होंने मेला क्षेत्र के टूटे हुए टेन्ट और अन्य सामग्री को अलग कर उसे पुन: स्थापित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र से कीचड़ को साफ करने और गंदे नालों को साफ करने के लिए सक्शन मशीन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

वहीं, अस्पताल में भर्ती श्रद्घालु गुरुवार देर शाम के घटनाक्रमों को याद कर सहम जाते हैं। उनका कहना है कि वे पंडाल के अंदर थे, अचानक तेज हवा चली और बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते पंडाल गिर गया, जो अंदर थे वे अपना सब सामान छोड़कर बाहर भागे। लोगों ने जैसे तैसे अपनी जान बचाई। एक घायल ने कहा, “यह तो महाकाल की कृपा है कि हम बच गए।”

एक घायल महिला ने बताया कि उसके सिर में चोट लगी है, मगर वह तो भगवान की कृपा से बच गई। वह पंडाल के भीतर थीं, तभी पूरा पंडाल गिर गया। वह और उसके साथ कई अन्य महिलाएं भी दब गई थीं। किसी तरह वे बाहर निकल पाईं। आंधी इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में पंडालें गिरने लगे और स्वागत द्वार धराशायी हो गए।

ज्ञात हो कि गुरुवार की शाम को चली तेज हवाओं और बारिश ने उज्जैन में जमकर तबाही मचाई। सात लोगों की मौत हो गई और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।

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