भोपाल, 8 मई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रशासनिक अधिकारियों से राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्र में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने को कहा है।
मुख्यमंत्री चौहान ने रविवार को यहां अधिकारियों के साथ सूखा राहत कार्यो की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश की सरकार संवेदनशील सरकार है। इसी भावना के साथ कार्य किए जाएं। पेयजल आपूर्ति का प्रोजेक्शन मानसून आगमन की विभिन्न संभावनाओं के आधार पर तैयार किया जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य में सूखे के संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक और तात्कालिक प्रयासों की अलग-अलग रणनीति बनाएं। इसके अलावा ग्रामीण अंचल के हर घर में नल-जल उपलब्ध करवाने का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम बनाया जाए। नल-जल आपूर्ति के लिए बड़े जलस्रोत, उद्वहन और सतही जल संग्रहण आधारित योजनाएं तैयार की जाएं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय कर पाइप लाइन बिछवाएं, ताकि ग्रामीण सड़कों के निर्माण के साथ ही पाइप बिछाए जा सकें।
आधिकारिक तौर पर दावा किया जा रहा है कि राज्य में जल प्रबंधन का बेहतर काम हुआ है। सूखे की स्थिति में भी हर बसाहट में पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है।
सरकार का दावा है कि रबी फसल अच्छी हुई है। खरीफ में सोयाबीन, उड़द, मूंग की फसलें और सूखा प्रभावित होने के बावजूद अरहर, कपास और सिंचित धान की फसलों का अच्छा उत्पादन हुआ है।
बैठक में वित्त, राजस्व, जल संसाधन, कृषि, ग्रामीण विकास, उद्यानिकी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव उपस्थित थे।
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