उत्तराखंड, 9 मई (आईएएनएस)। नैनीताल उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए बागी विधायकों की अर्जी खारिज कर दी। अब कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता खत्म करने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर उच्च न्यायालय ने भी मुहर लगा दी।
उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति यू.सी.ध्यानी की एकल पीठ ने सोमवार की सुबह यह फैसला सुनाया।
18 मार्च को विधानसभा में वित्त विधयेक पारित होने के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कांग्रेस के इन नौ बागी विधायकों की सदस्यता खत्म कर दी थी।
इन विधायकों ने उच्च न्यायालय में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर कर विधानसभा अध्यक्ष के आदेश को चुनौती दी थी।
कांग्रेस के नौ बागी विधायकों में रुद्रप्रयाग से हरक सिंह रावत, सितारगंज से पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, केदारनाथ से शैलारानी रावत, खानपुर से कुंवर प्रणव चौंपियन, रायपुर से उमेश शर्मा काऊ , जसपुर से शैलेंद्र मोहन सिंघल, रामनगर से अमृता रावत और रूड़की से प्रदीप बत्रा शामिल हैं।
गौरतलब है कि कांग्रेस के इन नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के मामले में उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर सात मई यानी शनिवार को ही सुनवाई पूरी हो गई थी, लेकिन न्यायालय ने इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
dharmpath.com dharmpath