एमओसी की वेबसाइट पर जारी बयान के मुताबिक, यह समीक्षा नौ मई 2017 तक होगी।
इस समीक्षा के जरिए इस बात की जांच की जाएगी कि यदि एंटी डंपिंग शुल्क समाप्त कर दिया जाता है तो क्या डंपिंग से देश के क्लोरोप्रेन रबड़ उद्योग को नुकसान पहुंच रहा है।
मंत्रालय ने मई 2005 में जापान, अमेरिका और यूरोपीय संघ से आयात किए जाने वाले क्लोरोप्रेन रबड़ पर पांच साल की अवधि के लिए दो से 15 प्रतिशत के दायरे में एंटी डंपिंग शुल्क लगाया था।
वर्ष 2011 में एंटी डंपिंग शुल्क को अन्य पांच वर्ष तक की अवधि के लिए बढ़ा दिया गया था और यह नौ मई को समाप्त हो रहा है।
बयान के मुताबिक, इस समीक्षाधीन अवधि में एंटी डंपिंग कदम प्रभावी रहेंगे।
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