इंफाल, 9 मई (आईएएनएस)। उच्च करों के विरोध में सोमवार को हल्के वाहनों के चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से मणिपुर की राजधानी इंफाल में हजारों लोगों का काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सभी महत्वपूर्ण चौराहों पर पत्थरों और बांस की लाठियां लेकर हड़ताल समर्थक कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करने के लिए खड़े थे कि कोई चालक हड़ताल के फैसले का उल्लंघन नहीं करे।
बांस और लकड़ी की लाठियों से लैस कार्यकर्ताओं ने हल्के वाहनों से यात्रियों को उतार दिया। वैकल्पिक परिवहन साधनों की तलाश में लोग इधर-उधर भटकते देखे गए।
सरकार की कर भुगतान नीति और कर की दरों में वृद्धि के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है। पांच टन से कम यात्री सेवा संघ की संयुक्त प्रशासनिक परिषद ने रविवार को हड़ताल शुरू की थी।
संघ के प्रस्ताव का उल्लंघन करने पर अनेक ऑटो रिक्शे और हल्के वाहनों को क्षति पहुंचाई गई।
संघ के संयोजक एल.सोमोरेंद्र ने कहा, “करों की दरों में वृद्धि के अलावा परिवहन विभाग ने 22 अप्रैल को एक आदेश जारी किया कि सभी हल्के यात्री वाहनों के करों का भुगतान एक बार में ही होना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “आदेश पर 5 मई तक पुनर्विचार के लिए सरकार से निवेदन किया गया था। ऐसा नहीं करने पर हम लोगों ने हड़ताल की चेतावनी दी थी।”
सोमोरेंद्र ने कहा कि सरकार उनकी मांगों की अनसुनी कर रही है, इसलिए आन्दोलन और तेज होगा।
हड़ताल से सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों पर असर पड़ा। अंतर जिला और वैधिक सीमा व्यापार भी प्रभावित हुए, क्योंकि व्यापारी गंतव्य तक पहुंच नहीं सके।
बताया जा रहा है कि 15 साल से अधिक पुराने वाहनों पर रोक लगाने की भी परिवहन विभाग योजना बना रहा है। अन्य बड़े शहरों में प्रतिबंधित वाहनों के लिए मणिपुर शरण स्थल बना हुआ है।
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