नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। उत्तराखंड विधानसभा में शक्ति परीक्षण में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रदेश में 27 मार्च को केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रपति शासन लागू करने के फैसले का बुधवार को बचाव किया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने आईएएनएस से कहा, “वर्तमान परिस्थितियों में कांग्रेस ने भले ही बहुमत साबित कर दिया हो, लेकिन राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने का केंद्र सरकार का फैसला सही था। क्योंकि 18 मार्च को कांग्रेस सरकार द्वारा सदन में लाया गया वित्त विधेयक असफल हो गया था।”
पिछले एक पखवाड़े में दो-दो स्टिंग ऑपरेशन का संदर्भ देते हुए बलूनी ने कांग्रेस पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया।
उत्तराखंड में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल द्वारा कांग्रेस के नौ विधायकों की सदस्यता खत्म करने पर सवाल उठाया।
भट्ट ने देहरादून में आईएएनएस से कहा, “अध्यक्ष ने पद का दुरुपयोग किया। क्या वे 18 मार्च को शक्ति परीक्षण की अनुमति देते, अगर ऐसा होता तो परिणाम कुछ और होता।”
भट्ट ने कहा, “कांग्रेस के पास न तो पहले बहुमत था और न ही अब है। उसके पास केवल 27 सीटें हैं और सरकार को बैसाखी की जरूरत होगी। विपक्ष में रहते हुए हम उनकी गलत नीतियों को सामने लाने का काम जारी रखेंगे और अगले चुनाव में जनता फैसला देगी।”
केंद्र सरकार ने बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उत्तराखंड के अपदस्थ मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बहुमत साबित कर दिया है और उनकी सरकार की वापसी की जाएगी।
अगले साल के मध्य में वहां विधानसभा चुनाव होना है।
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