नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में अंतर्राष्ट्रीय नर्सिग दिवस के अवसर पर 35 नर्सिग कर्मियों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए। इस पुरस्कार के तहत विजेता को 50,000 रुपये नकद, प्रमाण पत्र, प्रशस्ति पत्र और एक पदक दिया जाता है।
राष्ट्रपति ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि स्वास्थ्य के सभी पहलुओं में नर्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनके समर्पण और देखभाल की प्रशंसा शहरी, दूरदराज के क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी की जाती है। देश के स्वास्थ्य लक्ष्य की प्राप्ति में नर्सिग कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य क्षेत्र की नीतियां बनाते समय नर्सिग समुदाय की राय लेना महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रपति ने नर्सो की करुणा, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र के मिलेनियम विकास लक्ष्य की प्राप्ति के लिए लचीली स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करनी होगी।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और उनकी सेवा की सराहना की। उन्होंने नर्सिग क्षेत्र में अवसरंचना और मानव संसाधन विकास के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया।
नड्डा ने बताया कि उनके मंत्रालय ने नर्सिग कैडर को मजबूत बनाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। इन कदमों में एएनएम/जीएनएम स्कूलों की स्थापना, संस्थानों का स्कूल ऑफ नर्सिग से कॉलेज ऑफ नर्सिग में उन्नयन, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नर्सो का प्रशिक्षण तथा नर्स प्रैक्टिशनर्स कोर्स शामिल हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय नर्सिग और मिड वाइफ पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इसमें नर्सिग से संबंधित सभी सूचनाएं दी जाएंगी।
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